नारी ने जन्म दिया, ऐ इंसान मत कर अभिमान। नारी ने जन्म दिया, ऐ इंसान मत कर अभिमान।
दिल की ख्वाहिशें लिए , सपनों की उड़ान, फिर हक़ीक़त का सामना , और सवालों की ये कश्मकश दिल की ख्वाहिशें लिए , सपनों की उड़ान, फिर हक़ीक़त का सामना , और सवालों...
खुद के साथ-साथ अपनी जाति को भी, समाज में उच्च स्थान दिलवा पाओगी। खुद के साथ-साथ अपनी जाति को भी, समाज में उच्च स्थान दिलवा पाओगी।
इनकी आभा से होते जगत उज्जवलित, कलह और यातनाओं से दूर, इन्हें मुस्कान दो। इनकी आभा से होते जगत उज्जवलित, कलह और यातनाओं से दूर, इन्हें मुस्कान दो।
क्या कभी तुम्हारी नजर, मुझ पर इस तरह भी उठेगी। क्या कभी तुम्हारी नजर, मुझ पर इस तरह भी उठेगी।
दरका हो गा ' उसका जिगर भी कई कई बार यूँ ही नहीं कोई करता आत्महत्या का विचार । दरका हो गा ' उसका जिगर भी कई कई बार यूँ ही नहीं कोई करता आत्महत्या का विचार ।